By विसोबा खेचर, 15 September, 2007

गणपती बाप्पा!

१४ विद्या, ६४ कलांचा अभिषिक्त राजा!

सर्वांना गणेशोत्स्वच्या अनेकोत्तम शुभेच्छा!

हा आम्हा गरीब, कोकणातून पोटापाण्याकरता मुंबईला आलेल्या चाकरमानी मुंबईकरांचा "लालबागचा राजा!" मुंबईकरांचं आराध्य दैवत!

लालबागच्या राजाचा विजय असो..

आपला,
(लालबागच्या राजाचा भक्त!) तात्या.

By पंकज, 15 September, 2007

हि कविता मराठी आहे की नाहि याबद्दल वाद असेल, पण मराठी मातीतली मात्र आहे.

मैं अच्छी हूं घबराऊ नको ऎसा खत में लिखो ।
कोणी मेल्याने तुझको लिखा मैं निकली रोडापर
अगर तुझको शक है मुझपर नहीं निकलूंगी बाहर
मैं पानी को जाऊ क्या नको ऎसा खत में लिखो ।

सौ रुपये का हिसाब माँगे तो मैने घर मे क्या खाई
लाईट को वीस दी पानी के तीस दी पचीस का राशन लाये
दी पचवीस दुधवाले को ऎसा खत मे लिखो ।

पहली बार आए कुछ नही लाये अबकी बार लाना टेप
बेबी बडी हुई ऎकने को ऎसा खत में लिखो
मैं अच्छी हूं घबराऊ नको ऎसा खत में लिखो ।

By पंकज, 15 September, 2007

हि कविता मराठी आहे की नाहि याबद्दल वाद असेल, पण मराठी मातीतली मात्र आहे.

मैं अच्छी हूं घबराऊ नको ऎसा खत में लिखो ।
कोणी मेल्याने तुझको लिखा मैं निकली रोडापर
अगर तुझको शक है मुझपर नहीं निकलूंगी बाहर
मैं पानी को जाऊ क्या नको ऎसा खत में लिखो ।

सौ रुपये का हिसाब माँगे तो मैने घर मे क्या खाई
लाईट को वीस दी पानी के तीस दी पचीस का राशन लाये
दी पचवीस दुधवाले को ऎसा खत मे लिखो ।

पहली बार आए कुछ नही लाये अबकी बार लाना टेप
बेबी बडी हुई ऎकने को ऎसा खत में लिखो
मैं अच्छी हूं घबराऊ नको ऎसा खत में लिखो ।

By पंकज, 15 September, 2007

हि कविता मराठी आहे की नाहि याबद्दल वाद असेल, पण मराठी मातीतली मात्र आहे.

मैं अच्छी हूं घबराऊ नको ऎसा खत में लिखो ।
कोणी मेल्याने तुझको लिखा मैं निकली रोडापर
अगर तुझको शक है मुझपर नहीं निकलूंगी बाहर
मैं पानी को जाऊ क्या नको ऎसा खत में लिखो ।

सौ रुपये का हिसाब माँगे तो मैने घर मे क्या खाई
लाईट को वीस दी पानी के तीस दी पचीस का राशन लाये
दी पचवीस दुधवाले को ऎसा खत मे लिखो ।

पहली बार आए कुछ नही लाये अबकी बार लाना टेप
बेबी बडी हुई ऎकने को ऎसा खत में लिखो
मैं अच्छी हूं घबराऊ नको ऎसा खत में लिखो ।